Wednesday, February 21, 2024
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वक्फ बोर्ड की अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर किया जाएगा कब्जामुक्त।

वक्फ बोर्ड की अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर किया जाएगा कब्जामुक्त।

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Illegally occupied properties of Waqf Board will be identified and freed from encroachment.

उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लिमिटेड के निदेशक ने शनिवार को सर्किट हाउस में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से अवैध रूप से कब्जा की गई संपत्तियों की जानकारी लेने के बाद निर्देशित किया कि जमीनों पर अवैध कब्जेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

तथा वक्फ की जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर उनकी सूची उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम को उपलब्ध कराये जिससे वक्फ विकास निगम कब्जा मुक्त कराई गई जमीनों को विकसित कर उनका व्यावसायिक इस्तेमाल कराकर वक्फ बोर्ड की आमदनी को बढ़ा सकें।

वहीं सर्किट हाउस पहुंचने पर बैठक से पूर्व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य काजी शादाब के नेतृत्व में मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुके व मोमेंटो देकर उनका जोरदार स्वागत।

इस मौके पर महानगर अध्यक्ष अंजुम निजामी, मुख्तियार अली हाशमी, दिलदार सैफी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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क्रोध आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन है। उससे आदमी की बुद्धि नष्ट हो जाती है। वह पशु बन जाता है।

एक पण्डितजी महाराज क्रोध न करने पर उपदेश दे रहे थे। कह रहे थे- क्रोध आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन है। उससे आदमी की बुद्धि नष्ट हो जाती है। क्रोध से आदमी में बुद्धि नहीं रहती, वह पशु बन जाता है।

लोग बड़ी श्रद्धा से उनका उपदेश सुन रहे थे.. पण्डितजी ने आगे कहा- क्रोध चाण्डाल होता है। उससे हमेशा बचकर रहो।

भीड़ में एक ओर एक व्यक्ति बैठा था। जिसे पण्डितजी ने प्राय: सड़क पर झाड़ू लगाते देखा था।

अपना उपदेश समाप्त करके जब पण्डितजी जाने लगे, तब वह व्यक्ति भी हाथ जोड़कर खड़ा हो गया।

लोगों की भक्ति-भावना से फूले हुए पण्डितजी भीड़ के बीच में से आगे आ रहे थे।

इतने में पीछे से भीड़ का रेला आया और वे गिरते-गिरते बचे! धक्के में वे सफाई वाले से छू गए।

फिर क्या था! उनका पारा चढ़ गया, बोले.. दुष्ट! तू यहां कहां से आ मरा? मैं भोजन करने जा रहा था। तूने छूकर मुझे गंदा कर दिया। अब मुझे स्नान करना पड़ेगा।” उन्होंने जी भरकर कोसा।

असल में उनको बड़े जोर की भूख लगी थी और वे जल्दी-से-जल्दी यजमान के घर पहुंच जाना चाहते थे।

पास ही में गंगा नदी थी लाचार होकर पंडितजी उस ओर तेजी से लपके। तभी देखते हैं कि सफाई वाला उनसे आगे-आगे चला जा रहा है।

पण्डितजी ने कड़ककर पूछा- क्यों रे! तू कहां जा रहा है?

उसने जवाब दिया- नदी में नहाने। अभी आपने कहा था न कि क्रोध चांडाल होता है। मैं उस चंडाल से छू गया, इसलिए मुझे नहाना पड़ेगा।

पण्डितजी को अब तो जैसे काठ मार गया। वे आगे एक भी शब्द न कह सके और उस व्यक्ति का मुंह ताकते रह गए।

इसीलिए तुलसीदासजी ने रामायण में लिखा है-

पर उपदेश कुशल बहुतेरे।
जे अचरहिं ते नर न घनेरे।।

।। राम सियाराम सियाराम जय जय राम ।।

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60 साल से अधिक उम्र के लोगों को, बुजुर्ग कहने के बजाय, भाग्यशाली व्यक्ति बनने के 36 रहस्य।

डॉ. वाडा ने 60 साल के लोगों के भाग्यशाली व्यक्ति बनने के रहस्य को “36 वाक्यों में इस प्रकार समझाया।

1. चलते रहो।
2. जब आप चिड़चिड़ा महसूस करें तो गहरी सांस लें।
3.0 व्यायाम करें, ताकि शरीर में अकड़न महसूस न हो।
4. गर्मियों में, एयर- कंडीशनर चालू होने पर, अधिक पानी पिएं।
5. आप जितना चबाएंगे, आपका शरीर और मस्तिष्क उतना ही ऊर्जावान होगा।
6. याददाश्त उम्र के कारण नहीं, बल्कि लंबे समय तक मस्तिष्क का उपयोग न करने के कारण कम होती है।
7. ज्यादा दवाइयां लेने की जरूरत नहीं है।
8. रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर को जानबूझ कर कम करने की आवश्यकता नहीं है। 9. केवल वही काम करें, जिससे आप प्यार करते हैं।
10. चाहे कुछ भी हो जाए, हर समय घर में नहीं रहना चाहिए। रोज घर से बाहर जरूर निकलें, और टहलें भी।
11. जो चाहो खाओ, पर नियन्त्रित रखिये।
12. हर काम सावधानी से करें।
13. उन लोगों से वह व्यवहार न करें, जिससे आप भी नापसंद करते हैं। 14. अपनों का ख्याल रखें। 15. बीमारी से, अंत तक लड़ने के बजाय इसके साथ जीना बेहतर है।
16. मुश्किल समय में, आगे बढ़ने से मदद मिलती है। 17. हर बार, खाना खाने के बाद, थोड़ा सा गुनगुना पानी, अवश्य पियें। 18. रात में, जब भी उठें, पानी अवश्य पियें।
19. जब नींद नहीं आये, तो जबरदस्ती न करें।
20. खुशमिजाज चीजें करना, दिमाग को तेज करने वाली सबसे अच्छी गतिविधि है। 21. अपने लोगों से बातचीत करते रहें।
22. एक “पारिवारिक चिकित्सक” को, अपने आसपास जल्दी खोज लें ।
23. धैर्य रखें, लेकिन अत्यधिक नहीं, या हर समय अपने आप को अच्छा बनने के लिए मजबूर न करें।
24. नया सीखते रहें, वरना बूढ़े कहलाएंगे।
25. लालची मत बनो, अब जो कुछ भी तुम्हारे पास है, वही अच्छा व काफी है। 27. जब कभी बिस्तर से उठना हो, तो तुरंत खड़े न हों, 2-3 मिनट रुककर, उठें।
28. जितनी अधिक परेशानी वाली चीजें हैं, उतनी ही दिलचस्प हैं। 29. स्नान करने के बाद कपड़े पहनते वक्त दीवार आदि का सहारा लें।
30. वही करें, जो अपने और दूसरों के लिए हितकारी हो।
31. अपने आज को, इत्मिनान से जिएं।
32. इच्छा, दीर्घायु का स्रोत है!
33. एक आशावादी के रूप में जियें।
34. प्रसन्नचित्त व्यक्ति, लोकप्रिय होंगे।
35. जीवन और जीवन के नियम आपके अपने हाथों में हैं।
36. इस उम्र में सब कुछ शांति से स्वीकार करे।

Vijay Bharat

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