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शादी नही हो रही तो इस मंदिर की बुधवार को करें परिक्रमा, जल्दी हो जाएगी शादी, यदि संतान नही हो रही है तो परिक्रमा देकर संतान प्राप्ति की मनोकामना भी होगी पूर्ण।

शादी नही हो रही तो इस मंदिर की बुधवार को करें परिक्रमा, जल्दी हो जाएगी शादी, यदि संतान नही हो रही है तो परिक्रमा देकर संतान प्राप्ति की मनोकामना भी होगी पूर्ण।

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If you are not getting married then do parikrama of this temple on Wednesday, you will get married soon, If you are not having a child then by doing Parikrama, your wish to have a child will also be fulfilled.

गणेश बावड़ी में भगवान गणेश की जमीन से पक्रट हुई 400 वर्ष प्राचीन प्रतिमा है यह प्रतिमा लाल पत्थर की है जब बावड़ी की खुदाई का कार्य चल रहा था तब जमीन से भगवान गणेश की प्रतिमा पक्रट हुई थी।

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नागौर जिले का इतिहास काफी प्राचीन बताया जाता है। नागौर को प्राचीन नाम अहिच्छत्रपुर नाम से जाना जाता था इसका जिक्र महाभारत काल से होता आ रहा है यहां पर अनेकों मंदिर बने हुए हैं जो अलग अलग मान्यताओं से जाने जाते है ऐसे ही नागौर शहर मे भगवान गणेश का मंदिर बना हुआ है जिसे गणेश बावड़ी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर लगभग 400 वर्ष प्राचीन बताया जा रहा है। 400 वर्ष पूर्व बावड़ी की खुदाई के दौरान गणेश जी की मूर्ति प्रकट हुई स्थानीय लोगों ने उस मूर्ति को एक चबूतरे पर स्थापित किया।

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मंदिर के पुजारी सुनील मिश्रा बताते हैं कि यहां पर ऐसी मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति के शादी से सबंधित समस्या आ रही है तो वह शख्स यहां पर बुधवार को परिक्रमा देने से इस समस्या से निवारण पा सकता है इसके अलावा यह भी बताया कि शादी की समस्या के अलावा यदि किसी दंपती को संतान नही हो रही है तो वह यहां पर परिक्रमा देकर संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण कर सकते है पुजारी का कहना है कि भक्त के मन में भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा होनी चाहिए, वहीं नियमित बुधवार को ध्रुवा व मूंग चढ़ाने से शादी से सबंधित समस्या का निवारण होगा।

प्राचीन काल में नागौर के किले से कुछ दूरी पर खनन क्षेत्र का कार्य किया जाता था जिसमें लाल पत्थर निकलता था बड़ी संख्या में यहां मजदूर काम करने आते थे और मजदूरों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए बावड़ी बनाने काम शुरू हुआ तभी जमीन से भगवान सिद्धिविनायक की मूर्ति प्राप्त हुई

1975 में आई बाढ़ के कारण पुरा मंदिर व बावड़ी पानी में डूब गई लेकिन बावड़ी विलुप्त हो गई इसे प्रशासन की उदासीनता का एक कारण मान सकते हैं लेकिन गणेश जी की मूर्ति कहीं से भी खंडित नहीं हुई, नागौर में एकमात्र ऋण मुक्तेश्वर महादेव का मंदिर गणेश बावड़ी में स्थित है यहां की यह मान्यता है कि शिवजी की नियमित पूजा करने वाले व्यक्ति को आर्थिक रूप से छुटकारा मिलता है। और शादी से सबंधित समस्या एवं यदि किसी दंपती को संतान नही हो रही है तो वह यहां पर परिक्रमा देकर संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण कर सकते है।

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Vijay Bharat

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